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शुक्रवार, 15 जुलाई 2011

Shubh Gurupurnima

Comes in month of Ashadh (July august ) Full moon day
Remember our gurus and thanks them for what they had given us ..............

Our ancestors(as guru) to give us The Vedas(four), The Purana(eighteen),The Srimad Geeta ,The Mahabharata .The Ashadh( hindu month)  is the start of  Chaturmas( four month) the masters and there disciples discourse the  Brahma sutra (written by rishi Ved Vyas).This shows the importance of guru in the life of person .They byheart the holy books and lesson them god bad and all things needed to lead and good discipline life .
Shat shat naman ..............

रविवार, 5 जून 2011

माता पिता की ओर से यादगार बचपन

माता पिता की ओर से बचपन यादगार बना दिया जाता जैसे हम अब याद करते है अपनी माता पिता द्वारा किये गए छोटे छोटे काम बड़े अच्छे और सच्चे लगते है उस समय उसका महत्व नहीं पता तो क्या आज तोह समझ आ गया है १ आज अपे बच्च में अपना बचपन धुन्धती हु और उसके साथ एक बार फिर खिल उठी हु ..जसा में करती हु वसे ही मेरा बच्चा सीख जाता है में कोशिश करती हु उससे एक अच्छा बचपन देने की ...जिसमे वो देख कर सीखे और बड़ा हो कर समझ जाये जसा मेरे माता पिता ने मुझे दिया ......इसमें भावना भी थी जिम्मेर्दारी और आर्थिक सुझबुझ भी ...पालन पोषण में पैसा कितना ज़रूरी है यह बच्चे हम से सीखते है ...अब हमे इसमें समझना होत्ता है उन्हें कितना बतायी और कब ......आखिर इस दुनिया का सामना उससे अकले ही करना होगा 
  • बच्चो की पुरानी कॉपी में खली पन्नो को निकल कर जिल्द करवा कर रुफ्फ़ कॉपी के लिए दे 
  • अपना कमरा और रैक साफ रखने में मदद ले और दे ..
  • कलर बॉक्स और पैंट के लिए अलग डब्बा दे 
  • एक्टिविटी और पढने का समय  फिक्स करे 
  • बच्चे पे अपने अरमान नहीं उसका झुकवा महसूस करके वो कराये 
  • नकरात्मक  बातें से दूर रखे 
  • उसको अपना काम करने और सोच बदने का मौका दे 
  • जावा देने के लिए समय दे आप न सीख्यिए 
  • एक डायरी बनाये जिसमे उसके घुमने का वर्णन लिखे बाद होकर उससे दे
  • एक एल्बम बनाये और उसमे यादो को लिखे 
  • कहीं भी घुमने जाने से पहले उसके बार में उससे मानचित्र से लेकर ट्रेन और सब क जानकारी दे .
  • रिश्तेदारों और मित्रो से सद्भाव  मिलवाए 
  • शिष्ठाचार और अनुशाशन का जीवन में महत्वा काम से सीखियिए 
  • अपनी जबान और आचार का पूरा धयान  रखे 
  • हर काम को पूरा करे 
  • बच्चे के सामने साफ़ और सफाई का महत्व बता ज़रूरी है 
  • खाना और टेबल शिष्ठाचार स्वय करे बच्चा अपने आप सीख जायेगा 
  • अपनी जमीन से जुडी बातें रोचक और प्रेरणा के रूप में बातये 
  • खुश रहना और रखना सीख्यिए 
  • प्रकृति प्रेम से अवगत कराये 
  • उसकी कमजोरी को उसकी ताकत बनाये
  • मस्ती मज़ा में मज़ा  लीजिये मज़ा करयिए --एक सीमा और दायरे में बांध कर लेकिन फिर भी आज़ादी से  ..मुश्किल है पर न मुमकिन नहीं 
  • हर व्यक्तित्वा अलग है किसी का कोई मेल नहीं इसलिए कोई समानता भी नहीं --कोई तुलना भी नहीं  कभी नहीं
  • उसके फोटो को महीनो के हिसाब से कंप्यूटर में सेव करके रख दीजिये और विडियो पे विस्तार  में अठखेल के बारे में लिख कर बड़े होने पर दीजिये 
  • उसकी बायी और पहली बार करी गयी चीजों कोसंभालकर रख लीजिये 
  • परिवार का विवरण लिख कर एक उससे दीजिये 
  • यदि आप कंप्यूटर पर मेल लिख कर रख लीजिये बड़े होने पे फॉरवर्ड कर दीजियेगा 
  • बच्चो के साथ छोटे छोटे काम करते रेहियिए यही बड़ी यादें बन जाती है 
  • सख्ती भी जरुरी है ..हर काम में ..खाने में , पैसा में ,पढाई में ..........
  • बुरी चीज़ के बारे में बताना हमारा काम है पर यह उम्मीद कभी नहीं किया किसी ने नहीं किया थोपा नहीं जा सकता
बच्चो का आगमन और उनकका बड़ा होना हर माँ बाप के लिए जीवा का महत्वपूर्ण अंग होत्ता है ! उससे यादगार और अच्छा नागरिक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते पर कमी कब कहाँ रह जाती है यह बड़े होके आभास होता है गलती  हमारी या या दुनियादारी की .......पर उम्मीद नहीं छूटती न ही छोडनी चाहिए .......अगर हम गलत नहीं है तो ......वसे भी माता पिता बनाने  के बाद ही पता चलता है की कितना मुश्किल काम है और वो हमेशा सही होते है ..

बुधवार, 1 जून 2011

Bargadahi(Vat savitri )

It comes in  may end or june .
Place  One of the important festival of  awad or the Allahabad area .

Ceremony  This festival the prayer of bargad (banyan tree)by the married women she has to tie a thread 15 times and the Cantaloupe is used for it .
All the married indicator(Bindi,chudi,blouse,mehandi,bichia) are offered to bhagwan.

Alternate --In case if you do not have tree you can draw n a paper and then do the pooja .
Significance is to pray for the long life of husband .

सोमवार, 30 मई 2011

नज़र उतरना (हमारी संस्कृति )

नज़र उतरना   (हमारी संस्कृति )
बड़े छोटे अपने पराये किसी की भी नज़र किसकी को लग सकती है ...शायद यह इसलिए कहाँ जाता होगा किसी की बीमारी और मनोदशा को बदलने की कारन या फिर कुछ और ....पर जो भी इस पर बहुत से लोग आंख मूंद कर 
विश्वास करते है ...आज भी ...नज़र लगा उतरना सब ठीक है जब तक आपके पैसे और किसीकी को किनुक्सन नहीं हो रह है .......टोना टोटका उपरी चक्कर का पाखंड कभी न कभी कहीं न कहीं दीखता रहता है ...हम सब के उपर एक शक्ति है इसको झुंठ्ला नहीं सकते ......इसलिए कुछ नुस्खे दादी नानी के बतायी हुए है ....बोला जाता है बच्चो को माँ की नज़र सबसे पहले लगती है ......भगवन हर जगह है हर कडं में  है  उन पर विश्वास रखना चाहिए वो कभी बुरा नहीं होने देगे 

  • पानी को चार बार एक तरफ और पांचवी बार उलटी तरफ घुमा कर नाली में डाल दे
  • सरसों ,गेहू की भूसी नमक लाल मिर्च पञ्च बार नज़र उतरना और जला देना ..
  • जूता पांच बार घुमाना 
  • सिक्का घुमा कर दान करना 




मंगलवार, 24 मई 2011

सोह्वर((हमारी संस्कृति ))

सोह्वर (हमारी संस्कृति )-- जो जच्चा बच्चा का  मन बहलाने के लिए गया जाते है ....बच्चा होने के बाद ... 


लाल हुए है कौशल
 ख़ुशी दशरथ के
 अवध  पूरा जाना है
 सासुजी अवा चरुवा 
उनके कागन में 
फूल से गोदी भरना 
अवधपुर जाना है !!
आओ जेठानी ....

पीर  हमने सही है 
सैयां के लाल कसे कहें 
आओ सास रानी करो हमारे न्याय 
लाल हमरे कहवा सैयां के लाल कहें 
..आओ देवर ..
...आओ ससुर 

कडवी लगी लाल को पपरी न पाहू 
सास मेरी डांटे ननद दुलारे 
सैयां खड़े करे इशारा 
द्वारे से आये देवर राजा
समझावे  भाभी दूध पीओ 
कटोरे तो पपरी कडवी न लगे !!

तेरे पीस हुए पीर 
दिल के आरपार है 
न जाने किसकी जीत है 
न जाने किसकी हार 
लाख मैंने सोचा की सासुजी न बुलाऊंगी 
मुझे क्या कबर थी की खुद चली आएँगी 
मेरे कंगन उनके हाथ देने को करार है !!

बाजे रे मोरे   अंगना  शहनाई 
सासुजी तुम ही आना 
चरुवा धरिया जाना 
चरुआ धरये अपने लाल को खिलाये जाना 
पांच रुपैया दूंगी हत्त्न के कंगन दूंगी 
दे दो अपने लाल को बधाई दे दो 
बाजे रे मोरे   अंगना  शहनाई  !!