संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

गुरुवार, 18 अगस्त 2011

छेदी राम का सबक

मेरा है बड़ा सा माकन 
उसमे रहता छेदी राम 
मोटा सा है उसका पेट 
सीट पर रहता हमेशा लेट 
उसकी है परचुने के दुकान 
मिलावट   है उसक काम 
बहुत समझया कुछ समझ में न आया 
एक तरकीब मन में बनायीं 
उसकी बीवी को साथ मिलाया 
जान बुझ कर घर में सबको बीमार पडाया
अस्पताल का बिल देख कर  पसीना आया 
खयी कसम कभी न करगा एसा करम 
हम सबको संतोष आया 
जब प्लान सफल होते आया /

कोई टिप्पणी नहीं:

इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.