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मंगलवार, 25 अगस्त 2009

मेरा प्यार

किसी बच्चे की निश्चल हसी में
किसी पोधे की महकती खुशबो
ओस की बूंद में ,यदि मेरा अक्स नज़र आए तो
समझ लेना मेरा प्यार whi है


उड़ते पंछी में , बहती नदी में
बीमार के आराम में, रिश्तो की गर्माहट में
यदि तुम महसूस करो
तो मेरा प्यार प लिया

बडो की इज्ज़त में परम्परो के samaman में
अपनी आँखों में ,बडो छोटे की जरुरत में
यदि तुमने मुझे खोज लिया
मेरा प्यार तुम्हारा है

भगवन की भक्ति में ,संत की विनती में
गीत के सुर में ,यदि तुमने मुझे देख लिया
तो में सदा के लिए तुम्हारी हु ।

2 टिप्‍पणियां:

विपिन बिहारी गोयल ने कहा…

उड़ते पंछी में , बहती नदी में
बीमार के आराम में, रिश्तो की गर्माहट में
यदि तुम महसूस करो

bahut khoob

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

बहुत अच्छा लिखा है भाई. सुंदर रचना पढ़वाने के लिए धन्यवाद.

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