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शनिवार, 30 जुलाई 2011

कर के तो देखो

मेरी सारी बुरियों को नज़रंदाज़ कर दो 
मेरी खामियों को दरकिनार  कर दो 
मेरी अच्छाई को स्वीकार कर लो 
मेरी खूबियों को बढावा दे दो 
न सीधे बोल सको तो क्या 
अलग से बोल के तो देखो 
बात- तारीफ की नहीं  तुम्हारी पसंद की है 
मेरी चाहत की है 
जीवन भर का साथ है
 कुछ नगमे तो बनाने होगे बुद्पे में याद के लिए 
इन नगमे और प्यार के बिना कुछ नहीं 
जो आज बताना हो  आज बता दो 
कल तक याद नहीं रख पाएंगे 
तकरार को प्यार का रूप दे दो 
बहस को सोच का नाम दे दो 
मेरे तुम्हारे को अपना या हमारा नाम देके  देखो
इतने बुरा भी नहीं किसको को अपना बनाना
कभी अपने पराये की बेड़ियों को तोड़ कर देखो
बहुत से बेगानों का साथ दिया
कभी अपनों का साथ मांग कर तो देखो
अकेले चलते चलते थकते नहीं अकेले हो जाते है
कभी किसीको तोह साथ ले लो
माना बहुत धोके मिले है तुम्हे रहा में
एक बार और थाम के तो देखो ....
कभी  शिकवे शिकयत भी करके देखो
हम भी आपके पास ही है
कभी माना के भी देखो
बड़ी ख़ुशी की रहा में छोटी  छोटी  खुशियों की बलि मत दो
अंजाम के डर से  अरमान का कतल मत करो







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