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शुक्रवार, 2 नवंबर 2012

बड़े फ़िल्मी है तुम्हारे सनम --शुभ करवाचौथ !!


अपने उनके साथ  जीवन निकलते निकलते इतनी  आदत हो जाती है जब पीछे मुड  कर देखो तो प्यारी सी मुस्कराहट हर शिकवा गिला धो देती है।हर बड़ी बात छोटी ख़ुशी में बदल जाती है। आ एक और दिन युही साथ चलते चलते निकल गया प्यारी सी याद बन कर ..........




हमे तुमसे प्यार कितना हम नहीं जानते
पर तुम्हे परेशा बहुत करते है ,अधिकार  है
तुम्हारे प्यार को हमारी बकवास से मात देने का हक़ है 
तुम्हारे दिए फूल को फिसूल भी करार देने का हक़ है 
हम तुमसे बहुत प्रेम करते है इसलिए  यह हक़  है ।।

कभी देर से आने पे ,कभी तेरे रूठने मानाने पे
कभी मुझे रुसवा करने पे, कभी अपनी जान न समझने  पे
कभी मेरी बात की हाँ-न कहने  पे
कभी मेरी तारीफ न करने पे
हम गुस्सा होत्ते रहंगे , जब तक है जान।।

तुम्हे पे अपना हुकुम चलने पे
हमारे अच्छे आईडिया पे इतराने  में
हमारे बिना कारण  रोने  पे
कही का गुस्सा कही उतरने पे
माँ की याद आने पे
तुम्हारा शर्ट गिला करेंगे क्योंकि मैंने प्यार किया।।

तुहे मानाने के लिए अच्छा खाना बनाने के लिए
अपनी  पसंद के कपडे पहनाने के लिए
अपने दिल की बात खुल के बताने में
दिवस को मानाने में
 मज़ा तुम्हारे कपडे धोने  और प्रेस करने में
क्योंकि तुम्ही हो बंधू सखा तुम्ही हो।।

तुमरे लिए व्रत रखने में
तुम्हे अच्छे से खाना खाने  के लिए
बच्चो के बातें सुनाने में
घर की बातें सुलझाने में
 तुम्हारी आँखों  में अपनी तारीफ देख कर
कुछ कुछ होत्ता है।।

हम युही रेह्नेग सदा
बहुत कुछ बहुत ज़यादा
दर और दंबंग बनके
ख़ुशी और दुःख मे
क्योंकि तेरा मेरा साथ अमर।।

शुभ करवाचौथ !!






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