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बुधवार, 30 जून 2010

Is this happy living?

The most part of life is empty and uncured
We live just because we are not dead
We love because we are fool
We die for someone because we wann someone to die for us
We hate someone to show how good we are
We get irritated because we believe we are more knowledgeable and one cannot work without us
We miss someone because that person is not giving us importance
We forget something to show us busy
We remind someone when we face difficulty
We help someone so that someone should help us when we need
We dream because we cannot reach there
We plan because we can make it successful
We lie as we find the front person fool
We are true because we trust
We cry as we felt sad inside deeply
We smile as we are full of joy
Always anywhere every where only us and for us
Never clear in our thoughts
Is this all called living life happily ?

शनिवार, 26 जून 2010

आज में परायी हो गयी हु

आज में परायी हो गयी हु
माँ को आना खटकता है
भाई को समय नहीं मिलता है
बहिन को काम हो जाता है
पिता को खर्चा सताता  है
आज में परायी हो गयी हु
दिल से सबके बहार  हो गयी हु
बड़े अफसाने दिए याद के आज तो बस में
एक भूले  बिसरे ज़माने के याद रह गयी हु
जाने क्यों सब ने किया एसा कुछ पराया
मुझे अपना जनम द्वार ने बेगाना बनाया
नारी के अस्तित्व की है लड़ायी
एक घर जन्मी तो दुसरे घर से विदाई
कभी डोली कभी अर्थी में  विदाई 
बस इसके बाद कभी नहीं वो किसको याद आई
एक बेटी फिर माँ बनकर यह सब दोहराती
अपनी विदाई किसको याद नेहीं आती ?

शुक्रवार, 25 जून 2010

Friends

Friendzship is the eternal part of life where we learn to grow revise ,live and forget rest,
We share laughter's and sorrows together,
We share the deepest corner of our heart,
Even we r apart in our streams still we r
together, even we got married ,
We share small happiness , burst laughs ,
Come out of deeper sorrows ,shedding bucket full of tears on the shoulders
We broke the wall of formality hesitation and become weird,
Whole world sounds worthless,
Our all stupid plans work like anything ,watch movies ,fares, kitties, restaurants garden temple all
We freak out on peaks and made the world so small to catch up in few turns,
Its was so wonderful and unforgettable to come out ,
only memory give us support and provoke us,
Motivate us to grow,
how important and precious those days are,
where we have spent our time without looking pros cons having don't care condition follow the lives like this way only
Love to be this manner, it is for one time only.
Making best memories out to live forever…………..

एक बार फिर.........


















कुछ  इचछा  मर से गयी है
कुछ तमना  दब सी गयी है
 कदम कुछ उखड से गए
इस जहाँ में एक सूनापन छा गया
 थोड़े से की चाहत  में पूरा लुटा बेठे
बड़े  सपने  पाले थे आज सब गवा बेठे  है 
क्योंकि नए पंख के लगने का इंतज़ार था 
आज पिंजरे  में बेठे है 
रोज़ सुभ नए सूरज को नमस्कार कर 
शामको ढलते सूरज वही पुराना लगता है 
जाने क्यों फिर सुभ नया लगने लगता है 
चाँद में भी तन्हायी नज़र आती है
तारों के चमक फीकी सी लगती  है 
पुराने सपने नए विचार में बुनते रहते है 
पूरे होने की आशा में एक किरण के तरह याद आते रहते है
संपनो को बुनते समय पंख ला देती हु 
कल फिर उड़ने के लिए
नए विचार में एक बार फिर गुम होने के लिए 
हमेशा हर सपने का ओर -छोर हो यह ज़रूरी तो नहीं 
वसे भी फलसफे तो बहुत होते है 
 दुसरो की थाली में जायद ही दिखत या 
छायी वो प्याज़ हो या काजू 
किसको फर्क पड़ा है 
अपना सिक्का खोट लगने वालो को 
कभी कुछ किसकी का अच्छा लगा है..
सबने बहुत कुछ कहाँ हा यही सोच में भी कह बेठी 
क्या रखा है इन सब में यह तो हमेशा लगता रहता है ...............




सोमवार, 21 जून 2010

मेरे पापा

आपने  अपना नाम दिया 
जीने का होसला दिया
नयी सोच और दिशा के साथ बढना सिखाया
जीवन के कठिन ताल मेल को असं बाना कर जीना सिखाया
सहज सुन्दर सुदूर सोच के धनी मेरे पापा ने
कभी नहीं कोई भेद भाव दिखाया
इतना प्यार दुलार दिया
कभी नहीं कोई हुकुम चलाया
एक अच्छा इन्सान बनाया
यह मेरी खुशनसीबी है आपको मेरा पापा बनाया

रविवार, 20 जून 2010

अखबार

रोज़ सवेरे आ जाता है
दिन दुनिया की सेर करता
रद्दी वाले को बहुत भाता
सुबह के चाय नाश्ते का है साथी
हो चाहे बॉलीवुड तमाशा
या हो राजनेति का मुह काला
खोल देता सबकी पोल
चाहे हो सर्कार का परिक्षण
या फ़िल्मी मिर्च मसाला
बच्चो को बल पृष्ठ प्यारा
रविवार को होती आपाधापी
पहेले आये किसकी बारी
अलग है सबके नाम
पर सबका है सिर्फ एक काम
सच्ची से यह कभी न डरते
दीन दुखियों का दर्द समझते
कई घटनाओ का आधार है
सही परखना जनता का अधिकार है

मंगलवार, 15 जून 2010

मन

कुछ  बूंदे  आँखों से गिरी जमी को नम  कर गयी
हाथ कंधे पर रखा चलने की ताकत आ गयी
साथी ने हाथ बढाया ,लावो  पे मुस्कान तेर गयी
कुछ कमाल ऐसे ही है इस दुनिया में
जिनका राज़ कोई  जान न पाया
कभी  जीवन  साथी  का साथ पूरा होकर दिल को छु जाता है
कभी एक बोझ सा लगता ठेलता रहता है
सारी दुनिया बुराई का पुलिंदा लगती है
कभी अच्छाई का  सागर
बस मन को काबू में रखना होता है
सारी कहावतों के सार को न जानते बुझ पाना मुश्किल है
जीवन भी उसी के तरह है
मन की थाह -- रहा बना ही देती है
हाँ--न के बीच के पसोपेश मौके गवा देती है
अरमानो को न मरने दो .......
गुम हुई चीज़ की मिलने की अहा भी जीवन भर रहती है ..
मन को मरने दो ............जीने की रह तो मिल ही जाती है ................

तितली

रंग बिरंगे पंखो वाली
मस्त मस्त चलो वाली
फूलो का रस पीती हो तुम
लगाती हो कितनी प्यारी
हर जान का मन मोह लेती है
हर दम अठकेली ,मस्ती करने वाली
कोमल कोमल पंख तुम्हारे
छोटा है जीवन
बगीचे की शान हो
खुबसूरत इतनी हो तुम
पर नहीं है ज़रा गुरुर
इसलिए तितली रानी
तुम सबको इतना भाती हो

गुरुवार, 10 जून 2010

Love is in the air

तनहा रहने की आदत सी हो गयी है
हवा का झोका भी मेहमान लगता है
मन के विचारो को दबाने की आदत सी हो गयी है
बारिश के बूँद भी शोर लगती है
कुछ संजोय हुए लम्हे है
अब वो भी पराये लगते है
किसी की दस्तक से रूह तक कंप जाती है
इतनी व्यस्त जीवन मेरा ख्याल किसे आ गया
अब तो लबो पे हँसी भी रूठी रहती है
जयादा खुल नहीं पते कभी खुले तो आँखों से आंसू बह निकालेंगे
तूफान का सामान किया है
अब जलजले का इंतज़ार है

शनिवार, 5 जून 2010

होली

           
रंगों की भर आई
काला, हरा ,लाल ,गुलाबी
हर मुख रंग है
सब मुखड़ा लगता है मुखोटा
कोई नहीं पहचान आ रहा भाई
पहेले जी भर के रंग लगओ
फिट घंटो बेठे के रंग छुडाओ
फागुन है आया रे भाई
                     डंडा लगा है बीच बजरिया
                      चंदा ले खूब सजा है
                     रस रंग में इस त्यौहार ने
                      सबको अपने रंग में रंगा है
भैया ने की पिचकारी की सफाई
मामी ने पकवान बनाये
हम सब खूब जे भर के खाए
भाभी पड़ा गयी देवर पे भारी
जीजा न साली की क्लास लगा डाली
टोलियों ने धूम मचायी
होली आई होली आई
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