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गुरुवार, 8 दिसंबर 2011

प्रेम की पराकास्ठा



प्रेम की पराकास्ठा को  पाने की लिए 
बहुत कुछ सोचना नहीं होता खुद बा खुद आ जाती है 
दिनों से कोई फर्क नहीं पड़ता , दिल  मिलने  की  बात  होती  है 
वरना एक दिन सदियों सा  लगता है ,  सदियाँ दिनों सी 
पल पल एक दुसरे में गुम होने की तड़प लिए रहना , गुम होंना दो अलग बात्तें  है 
बिना बोले कर देना , बिना समझे समझा देना इतना असं नहीं होता है 
एक तड़प चाहिए होती है मिलने  की 
बातों के मतलब नहीं गहरायी मापी  जाती है 
कभी कभी की लड़ायी में दरारे नहीं  पड़ती 
प्रेम खुशबु को महकने के लिए दीवारे नहीं खड़ी की जाती 
झरोके से  नयी और रौशनी ताज़ा कर देती है महक को 
जीने की लिए शर्ते नहीं समर्पण चाहिए 
प्यार देने की बात होती है ल्ले तोह हर कोई लेता है 
इसका हिसाब नहीं रखा जता 
मेरा तेरा नहीं हमारा होता है 
हमेशा याद उतनी ही  रहती है 
विचारो  का मतभेद  प्रेम को कम  नहीं करता
कभी  तनाव आ जाता बस ...  
लेकिन वो सदा के नहीं कभी कभी तनाव भी रहता है
बस गांठ  नहीं आनी चाहिए
शांति के पल में सोचे और समझे तो बस
तख्ती पे लिखी बत्ती से होते है यह रिश्ता ....
ऊपर नीचे होते यह रिश्ते इसमें झूलने का मज़ा लेना चाहिए
कभी रुकने नहीं देना चाहिए .......









सोमवार, 28 नवंबर 2011

में एक तिनका हु ........




में इस बात को सही मानती हु ..मैंने बहुत खुशकिस्मत हु मेरे आस पास में बहुत हुनरमंद लोगो से घिरी रही  ..
जब मैंने ब्लॉग खोला था तो ... इतने भी लोग मेरे पास जुड़ेंगे ..ऐसी उम्मीद नहीं की थी ....पर मुझे  ख़ुशी है  कुछ लोगो ने मेरी कविता पे गोर तो किया ....
..मेरी माँ ,मेरे ताउजी मेरी एक बहिन बेहद अच्छे  कवी  और लेखक है ...में  उनके आगे कहीं नहीं ..यह तो मेरी एक कोशिश है.... आगे बढ़ने की ..अपने लेखन को दिशा देने की ...
ये लोग मेरी प्रेरणा है ...जो मुझे आगे बढने के लिए  प्रोत्साहित करते है ....
 वर्ना, में तो एक तिनका हु ....बह जाती हु ...चंद लोगो ने मुकाम दिया है 
उसी को  पनाह बना लिया है जब तक कोई तूफान उड़ नहीं ले जाता ...
उम्मीद पे जीवन कायम रहता है  कभी कभी तिनका भी अच्छी किस्मत लेके आता है
तिनके का अधजीवन हो गया होगा ..

मंगलवार, 8 नवंबर 2011

Papers carft-- Hobbies





To do with Papers
Greeting Cards
Paper Bags
Jewelry
Envelopes
Occasion Card(photo card)

Different types of Paper
Vellum
Velvet
Embossed
Printed paper
Wrapping
Wall paper
Two tone
Handmade
Photocopies
Corrugated

Other things needed
Scissors
Craft Knife
Ruler
Paper Cutter
Corner Cutters
Punches
Rotary Cutter
Circle
Crimping and Embossing
Bone Folder
Cutting Mat
Adhesives(glue,sticks,dots)
Colouring Medium(Ink, Paint, pencils)


Decorating Material and techniques
Foil(foiling and leafing)
Stencil
Rubber Stamp
Sticker
Beads(Beading)
Buttons
Wire(wiring)
Foam
Fabric paint
Collage
Layering
Foiling
Paper Pricking
Photo Image




मंगलवार, 1 नवंबर 2011

Work from home for homemakers

Home maker has the most work to do without any help and credit...She has to be perfect and work  whole life ...anyways I am happy now the choice and things are known and made for her...Also women is trying to get aware of the things and want to work to  give better life to the family ...sometimes it is not possible to go out of the and work .........The possible  things one can do .......Everything need hard work support and dedication .Before starting you need to make sure nothing will come immediately to get reputation name and chance all need time and consistent dedication ..... may be result will be not in your favour  but patience is the key ...also the choice of job must have your inner zest and passion for it ..else you may loose the charm...



Be an agent( BY COMMISSION)
LIC RD/FD,Passport Visa, Ration Card, Voter's ID, License, Pan Card ,Mutual Fund
This all needs lot of determination,knowledge, loyalty,dedication and clarity updated ,collection and data maintenance, initial hard work

Travel Agent  Railway ,Flight, Hotel stay, place to visit
Services Provider - Catering, Tiffin, chocolate and cookies,Gift wrapping, Mehndi , parlour,  Massage
Hobby Classes (painting, drawing, stitching,  knitting, crochet, musical instrument...etc )
Tuition center (day care,toddlers/kinder garden, specific subjects, Middle school, High school )
Rent services  -Magazines, Novels, Costumes, Jewellery, temporary medical disable things, Chairs, Home Furnishings
Management  Event, Conference, Meetings, College/school tours, Local Guided tours

Social Work  Water Coolers,Tree guards,A day for letting other learn(weekly/monthly),Attach with NGO ,  Orphanages, Old age home, Libraries, Ran Basera 
 Arrange  as per needed (keep the number of the person and call as per needed )
Plumber,Nurse/Compounder, Nanny, Courier, Alteration, Cleaner, Laundry, Gardner, Maid, DTP, STD PCO, bill depostion service,Security service,Yoga Classes, Mobile Library, taxi driver, painter, tailor, Iron, Carpenter, Car  Washing, Cobbler

शुक्रवार, 28 अक्तूबर 2011

कमी

सिर्फ चार महीने ...क्या इतना समय है की में आज घर आया तो शुभी की कमी खल रही है 
यदि आज बरखा के साथ जाना होता तो .........शायद आज भी में देर रात आता ....मेरे आते ही गरम काफी टेबल पर रख जाती ..शुभी चाहे कितनी ही देर से आये......... फिर भी फ़ोन की लिस्ट और साड़ी डाक एकदम सही तरीके से ..टेबल पर खाना सुबह सब कुछ रखा रहता ..............में खुद कभी एक बारभी कुछ नहीं पुछा नहीं ....कैसे वो पहले एक एक चीज़ पूछ कर करती  थी ....में टीवी को चालू करके बस सुनता था ...धीरे धीरे सवाद ख़तम   हो   गए  इसलिए   वो यह  ख़त  छोड़  का  चली  गयी   पर शुभी   बरखा इस  थे   ..........
अभी  
 में  USA   रही है  आखिरी   कोशिश   है हमारी  हमारी शादी को चार महीने हो गए इन चार महीनो के गिफ्ट मैंने तुम्हारी टेबल की नीचे वाली दराज  मैंने रखे है ..हर महीने पर शायद तुम्हे उनकी ज़रूरत .......सेज पर दी हुई डायरी  (शायद ,तुम्हे याद हो ) मैंने रोज़ कुछ लिखा है शायद ......तुम्हे फुर्सत नहीं या  मेरी आशा जयादा हो ........
अभी ...मैंने जानती  हु तुम्हे लगा में एक छोटे शहर की लड़की इस मुंबई जैसे महानगर  में कैसे रह पाऊँगी ..तुम्हे लगा बी लेवल डिग्री है .......या एसा ही कुछ पर शायद ..तुम मुझे समझ नहीं पाए ...
अभी ,में एक बात अभी तक एक बात नहीं समझी तुमने शादी के लिए क्यों कहाँ ..? सगाई से पहेले ही और बाद में कितनी बार पुछा था तुम सोच लो ...मुझसे क्यों शादी करोगे ..?तुमने हाँ बोला था ...अपने रिश्ते में तपिश ,अपनत्व ,प्यार कभी महसूस नहीं किया ..जो हमरे साथ हो रहा है वो मुझे पता था ...मैंने अपनी माँ को भी बोला था ..पर सब पर तुम्हारा रंग चढ़ गया था मेरी बातें सबको बुरी लगती थी ..........
जानती हु तुम डॉक्टर हो बहुत व्यस्त हो पर क्या मुझे ५ मिनट भी नहीं दे सकते ?तुम दोगले थे सगाई से पहले अच्छे अच्छे सपने और बातें और अब सब बेकार ..........
हमरे नहीं तुम्हारे चार महीनो का हिसाब डियर  में है ..क्रपया आत्मालोचन करो अपनी और मेरा दोष बताऊ अभी .!!जब में आपके साथ समय नहीं बिता सकती हमारे बीच में कोई प्यार नहीं है इसे जीवन गाड़ी मैंने कभी नहीं सोचा था .....
मैंने जानती हु आप बरखा के साथ है आप   दोनों ने शादी क्यों नहीं की यह नहीं जानते हु ?इसकी सजा मुझे देना कितना न्याय चित है ...आप यह मत सोचिये की में आप से तरस  या दया की भीख मांग  रही हु बस एक रिश्ते की बुनियाद इसे हो यह मेरे जीवन में नहीं चाहती ....आप अपने आपको बहुत टेच्निकल समझते है ....सिर्फ लैपटॉप होना इसकी  निशानी है ......यह आपकी सोच को बताता है ....अच्छे से सोच लिजीये में छ महीनो के लिए जा रही हु मेरा कांट्रेक्ट बढ़ सकता है बता देना ..जैसे  भी हो ......मैंने डिवोर्स के पपेर दराज में  रखे है ...मैंने बंधन में विश्वास करती  हु ............लेकिन ज़बरदस्ती  के नहीं .........पैसो का हिसाब diary  में है ..
तुम्हारे लिए केक , मठरी बना के रखे  है ले लेना ..घर से बिना  खाए मत निकलना


शुभी


में जानता हु शुभी ...बरखा इस थे बेस्ट ......
नहीं में मिस नहीं कर रहा हु बरखा इलू में कॉल करता हु जानू  फ़ोन उठाओ

हेल्लो बरखा जानेमन ....
नहीं में प्रकाश ......आप कौन ...?
प्रकाश कौन ....?बरखा का मागेतर
ओह्ह मुझ पता नहीं था
मुबारक हो
शुक्रिया ...आप कौन ?
अरी में बरखा के साथ काम करता   हु ...
अच्छा में उससे बता दूंगा  अभी वो  अन्दर है
जी अच्छा नमस्ते
 ........
बरखा ............ने मुझे धोखा दिया ...?
नहीं यहे धोखा थोड़ी है मैंने उससे बिना बताये शादी कर ले और उसने भी एसा ही किया .......
शुभी ...तुम्हारी याद आ रही है ............

शनिवार, 22 अक्तूबर 2011

Painting -make it a Hobby


What you need to start 
Colours (according to the type you wish to use)
Brushes
Sponge
Toothpicks
Stylus
Paper towel
Cotton swabs 
Tracing paper
Tape
Plastic Palette Knife 
Pencil 
Eraser
Sharper
Foam Brushes

Types of Painting 
Glass 
Water
Oil 
Crayons
Fabric
Acrylic 

To prepare for Paint
Enamel
Base 
Surface conditioner 
Retarder 

Tricks 
Strokes
Techniques

How to learn 
Online (youtube , google, blogs,)
Private Class 
Art and craft store Classes 
Circle of friends

रविवार, 2 अक्तूबर 2011

कुछ शब्द छोड़ जाएगा ....मेरी प्रेरणा के लिए ............

मेरी कविता  आजकल बहुत नहीं आ पति कभी कभी सोचती हु एसा क्यों है ...मेरे ब्लॉग के लिए यह सही नहीं पर जब बच्चे को अपनी ज़रूरत होती है ...लेकिन फिर भी कुछ चाहिए शायद आप आजाये ...कभी अपने विचारो से ..कभी किसी और बहाने .........पर आप आते रहना मेरे मनोबल को एक सहारा मिलेगा 


जीवन की आपाधापी में खो गयी हु अपनी पहचान पर सुकून  में हु 
कभी एक दिने में ३ -४ कविता पिरो लेती थी अब शब्द ग़ुम से हो गए है 
गृहस्थी  के कमजोर दौर से गुजर रही हु 
मेरे बच्चे के बढते कदम ज़रूरी हो गए है 
समय पे सब काम के लिए धुरी बन गयी हु 
आज नहीं तो कल मुझे समय मिलेगा में आ जाउंगी 
फिर अपने  कोरे कागज़ पे शब्द खुद अंकित होंगे 
पर बच्चे  के बढते  कदम नहीं देख पाऊँगी दोबारा 
अपनी माँ के पास बठने और हर काम समय पे करने पर गर्व था 
आज उनको मुझ पर गर्व होवासी ही  धुरी  बनाना चाहती हु 
अभी तो शरुवत है  मंजिल बहुत दूर है ..
शायद कभी तो मिलेंगे कुछ शब्द वही से आ जाउंगी ..
कभी कभी अपने शब्द ले कर...
.. पर आप न आना छोड़ेगा  वही मेरी ताकत होगा ...
कुछ शब्द छोड़ जाएगा ....मेरी प्रेरणा के लिए ............

मंगलवार, 20 सितंबर 2011

Opening a Publication House

What you can publish ..
Diaries, Calenders, School Diary, Copies, Register, Writing Books,Maps, Charts,
Monthly magazines.
Hobby books, Cooking Books, Painting book, Calligraphy, Candle Making, Business Ideas, Crochet, Knitting, Gardening, Cuisines of the world
Time Pass...
 Su-du-ku, Ka-ku-ro, Puzzles, MCQ
General Knowledge..
Latest updates ,monthly updates,annual updates, history geography,Map city wise , Dictionary ,  essay
How to do guides
Teach kids, Financial planning , Make Up, Computer, Geometry, Algebra, Infant,Child Birth, Toddler growth, Indian Culture , Yoga, Ramayana, Mahabharata ,Upanishads, Fashion, Haircut, Nail art
हिंदी मगज़िनेस
त्ताज़ा खबर
कानून अधिकार
पहले प्यार -पहली तमना
सपने -जो हकीकत हुए
दर्द जो सह न गया
स्वस्थ
फ़िल्मी दुनिया
भविष्य कहानियां कविता
कुछ तो लोग कहेंगे
पहलियाँ
पहनावा हमारी परंपरा हमरे रिवाज़
मकेउप
मेरा शौक
हुनर
मेहमान हस्ती
अपना लो
टेक्नो दुनियां
बच्चे पति


शुक्रवार, 9 सितंबर 2011

Wirless

Wife's Agony ------

I melt in your arms
Your  touch make me soothe
Your lips around me make me new
Make a part of your life
I am like brand new
Everyone needs a priority in life
Keep your laptop aside
Look into my eyes ,hear my voice
Take me arms and dance

Keep your phone out of reach
Give Google a break 
doodle around me ...
You tie up with every thing
why its never me ?

Husband answer ---
Its .......just to fulfill your request --to make life wifeless
Wireless*


सोमवार, 5 सितंबर 2011

मौन

  जीवन  में  की  मौन  परिभाषा किसी गूंगे से पूछे तोह सही  मिल पायेगी / वसे इस दुनिया में कितने लोग है जो बोलते है फूल झड़ते है ...... कुछ बोलते है........... तो कान बंद करने का मन होत्ता है  .....कितनी ही बार बोलने से बात सुलझ जाती है  ..उतनी ही बार उलझ जाती है ...............पहलु हर बात के दो पहलु तीसरा नहीं होता बना दिया जाता है ....मौन  रह  कर  हम  अपनी  इज्ज़त  रख सकते है ..एक दुसरे को बातें समझा सकते है  बिना बोले बहुत से बात में बहस का कोई आधार  नहीं होता.... उसे हमे बिना बोले ही समझना होता है ....बोलने से     बाते और उलझ जाती है ...खास कर भारतीय घर में जहाँ बहुत कडवी और सच्ची बातें नहीं बोली जा सकती.. सही गलत नहीं... अपने मन की बात बोलने के लिए सही मौका ज़रूरी है..............
मौन हथियार है अपने में गुम होने का .........जब बातों का असर ख़तम हो जाये ...उससे पहले मौन सही है  ........
    ..जब बात ओछी शब्दावली की तरफ   जाये तब मौन बिलकुल  सही है .....यदि बातें बहस से बढकर .......लड़ाई और एकदूसरे को दुखी करना ..मौन को अपना दोस्त बना लेना चाहिए ......मौन के बहुत से फायदे है ....वही नुकसान भी जहाँ ज़रूरी हो वह मौन नहीं रह सकते कभी अपने लिए अभी अपन के अपने लिए बोलना पड़ता है.........बात  कहने का ढंग होता है वही ढंग ..बात की पुष्ठी करता है.............कभी आने वाले कल के लिए आवाज़ ज़रूरी है.....
मौन हथियार है ज और सभी हथियारों की तरह समझदारी से इस्तेमाल करना चाहिए ..

रविवार, 28 अगस्त 2011

काश !!में पक्षी बन जाती


















काश !!में पक्षी बन जाती
डाल डाल  पर बेठा गाती
सबको अपनी आवाज़ सुनाती 
सुन्दर  सा घोसला बनती 
कभी नीले नीले आकाश में उड़कर 
कभी बगीचे में उतर कर 
कभी पेड़ पर बठे कर इठलाती मचलती 
न होती कोई बंदिश न स्कूल न पढाई 
सारे दिन बस मस्ती छाई 
इस पेड़ से उस पेड़ इस डाल से उस डाल 
हवा के साथ बदलती चाल
सोच रही हु सपना न होके सच हो जाता 
काश !! में पक्षी बन जाती 
 

शनिवार, 27 अगस्त 2011

क्या लिखू

लेखन की धर चली गयी ,प्यार की बयार खो गयी
 जिंदगी  एक  routine की मोहताज हो गयी 
 अरमानो की टोकरी कोने में रखी मुह चिढाती  है 
काम की फहरिस्त उतनी ही रोज़ मिल जाती है
 अपना शरीर उठाना भी काम लगता है
तन से नहीं मन से हारी है वो
मन की व्याधि इतनी बड़ी होगी 
कौन कभी समझ पाया ?
हर बात की गहरिये नहीं आकी
हर छुट्टी को कुछ नए की आस करती वो
सोमवार तक बुझात्ति आग सी वो...
काम के बोझ से नहीं अपनी उम्मीद से हरी वो
अपने अरमानो को कभी चुपके से झांकती वो
लुकाछिपी की दौड़ में छिपी आगे निकल जाती
अरमानो की टोकरी फिर वही रह जाती







बुधवार, 24 अगस्त 2011

जितना मैंने पढ़ा और समझा

एक ज़मीन अपनी - चित्रा मुदगल -यह बहुत रोचक और एड्वेर्तिसिंग आधारित बहुत रोचक उपन्यास है । इसकी संरचना बहुत कुशल है । इसमे किस तरह एक लड़की अंकिता अपनी साख को बनते हुए सफल होती है और अपनी सहेली कविता को अच्छे मार्ग के सलाह देती है । जो भी तंग करता है या उस का मजाक उडाता है उसे बिना बोले अपना काम करके साबित करती है सच्चाई और ईमानदारी की ताकत को । प्रेरणादायक ।

एक गधे की आत्मकथा -कृष्ण चन्द्र - यहे बहुत ही करार व्यंग है जिसमे अगर जन पहचान हो तो गधा कुछ भी कर सकता है ।

शमशान चंपा -शिवानी जी -एक लड़की चंपा की कहानी जो डॉक्टर है और अपनी माँ की देखभाल करती है ,जो पति के जालसाजी का इल्जाम और मौत से दुखी है साथ ही चोट्टी बेटी जूही के मुस्लिम लड़के से विवाह की बदनामी से भी परेशां है ।चंपा उसे दुसरे शहर ले जाती है उसकी सगाई टूटने के बाद । फिर उसका मंगेतर उसको मिल जाता है जब वो एक कांफेरंस में जाने को होती है । बुआ भी एक अच्छा जोड़ा पात्र है जो ताने दे कर एक अलग एहसास दे जाती है । बहुत अच्छा उपन्यास है नारी के सुखद संघर्ष की एक और दास्ताँ ...एक बार में इस पढ़ा लिया बहुत बाँधता है शिवानी जी का लेखन ।


अंक ज्योतिष ,भाग्य ,बुद्धि और bhagwan - विद्यावाचस्पति रामगोपाल जाखोटिया -ज़रूर पढ़ा जाने वाल लेखन ,जो बातें हम अपने दिल की कोने में सोचते है उसको बहुत खूबसूरती के साथ लिखा गया है। सदा हुआ लेखन इसे हर २-४ महीने में ज़रूर पढ़ना चाहयिए ॥यदि हम कोई एसा काम करना कहते है जो हमारे दिल की गहरायिओं में छुपा रहता है । यहे एक प्रेरणा है सार्थक जीवन जीने की और कुछ अनकहे ,अनचाहिए बातो की लिए ।

चाबी बंद संदूक - आशा पूर्ण देवी -दो ४०-५० साल के लोग अपने पुस्तानी माकन में आकर अपनी समृति में खो जाते है और एक एक कोने को याद कर सोचते है की कैसा था सब, जब वो छोटे थे । माँ उनके दादाजी का रिश्ता आर भी बहुत कुछ .....


मारा हुआ सच - न.अखिलेश - सत्यवान की कहानी और उसका गाँव झुनिया की मौत और बाद में मिसेस कामत बन कर आना । उसका गंगा के प्यार को भाई बहिन के प्यार समझना और उसकी माँ का दुसरे लोगो के साथ जाना । माँ की मौत के बाद बॉम्बे भाग जाना वह फ़रीना से मिलना ......बॉस और झुनिया । बहुत अच्छा उपन्यास ॥नारी को समझना और उसके कई रंग लिए है यह उपन्यास ।


गुलबदन -ताराशंकर बन्धोपद्याया - अनुवाद()शकाकर्बाई ) -

तथापि - प्रमोद त्रिवेदी - यह एसा उपन्यास है जिसमे दो जगह और उन से जुडाव के बारे में है पर में इससे पढ़ा कर अपने को जोड़ा नहीं पाई । पूरा नहीं कर पाई ............


दर्द की घाटियाँ - माया प्रधान - नील आर अम्बर भाई ...अम्बर जेल गया था क्योंकि उसने माँ के इज्ज़त लुटने वाले गुनीराम को मर दिया था । नील को प्यार था बिंदिया और उसकी बुआ पसंद करती थी अम्बर को ..मुस्ताक चाचा से अम्बर हर बात करता था ॥ ज़मीदार अपना अपना चलता था .......
काफी अच्छे से बुना गया उपन्यास है एक बार में पड़ने को जी कर गया सो पढ़ा लिया ।

गुरुवार, 18 अगस्त 2011

छेदी राम का सबक

मेरा है बड़ा सा माकन 
उसमे रहता छेदी राम 
मोटा सा है उसका पेट 
सीट पर रहता हमेशा लेट 
उसकी है परचुने के दुकान 
मिलावट   है उसक काम 
बहुत समझया कुछ समझ में न आया 
एक तरकीब मन में बनायीं 
उसकी बीवी को साथ मिलाया 
जान बुझ कर घर में सबको बीमार पडाया
अस्पताल का बिल देख कर  पसीना आया 
खयी कसम कभी न करगा एसा करम 
हम सबको संतोष आया 
जब प्लान सफल होते आया /

रविवार, 14 अगस्त 2011

देश में न सही पर दुनिया में है

देश में न सही पर दुनिया में है 
 हमेशा दिल में चाहत जगता 
 वतन की मिटटी की याद दिलाता 
 दूर तो बहुत है  पर मन से नहीं 
आज भी अपना झंडा देख कर 
याद आ ही जाती है
  बचपन में  १५ अगस्त को लड्डू के किये जाते थे स्कूल 
  उससे कितना याद  करते है कसे कहें 
 आज भी राष्टीय गन सुन कर खड़े हो जाता है 
 देश से दूर रहकर देश के बारे में कुछ कर नहीं  पाते
 अपने बच्चो  को उसके बारे में बताते ज़रूर है 
 इस बहने हम भी यादों के झरोखे से कुछ पल चुरा लाते है
 खामियां तोह हर जगह होती है बस देश तो देश है
 अपना देश कुछ खास है ....महकता रहे देश हमारा 
चहकता रहे देश हमारा "पर" तोह हमारे देश  की भाषा में आ ही जाता है...............


स्वतंत्रा दिवस की हार्दिक शुभ्कम्नायिए

शुक्रवार, 12 अगस्त 2011

Vimal Mitra





विमल मित्र --बेहद संवेदनशील लेखक ......मैंने उनके निम्लिखित उपन्यास ,कहानी ,संस्मरण पढ़े और में बहुत खुश हु .....नारी की इनती अच्छी और गहरी परिभाषा से में अभिभूत हु ..कोई मर्द इतना अच्छे और बारीकी से औरत की विचारो की विवेचना कर सकताहै  .................... 


  • गवाह   नंबर  3-- सरयू निशिकांत ,श्रीकांत .जब वह खून कर देता है जिरह से पाता चलता है वह उसका देवर है 
  • सन्यासी -दिव्येंदु की सन्यास तक सत्य नन्द महाराज और चत्रागढ़ के कहानी /
  • परस्त्री - सुललित,आरती और मदुर गांगुली की कहानी
  • आज कल परसों - सुशांत ,पर्वी और लेखक इनका धोखा और गुमनामी /
  • काजल(हिंदी हिट फ्लिम ) - क़ज़ा दी ,अचरिया मुखर्जी इनके बीच का शक
  • सब जूठ है - सोहम जीवन गाथा अपनी पत्नी के मदद से ऊँचे पद पे आ जाता है पर उसकी बची शम्पा और पति खो जाता है /
  • गाडीत  जिंदगी का - तीन मंजिला मकान और तीन परिवार उनकी लड़ाई
  • कगार और फिसलन इन्दुलेखा ,अटलदा और कुंती की कहानी ..अटलदा जसे मेहनती इन्सान की ज़िन्दगी
  • बहरूपिया -अलग अलग कहानियां
  • भगवन रो रहा है -देवव्रत, मिनती
  • रंग बिरंगी दुनिया
  • अनेकरूप
  • पैसा परमेश्वर है
  • चौराहा
  • दायरे के बहार
  • यह नरदेह
  • बेगम मेरा विश्वास
  • मुझे याद है - मिस हुबलिकर कपूरचंद ने नौकरी दिलाई मिन्टन पर सदानंद पुल्स्कर और प्रेमपत्र
  • आखरी पन्ने पर देखिये -आमिर था सब सम्पति एक अंधी लड़की को सारी सम्पति देता है
  • फिर एक दिन -अलग अलग कहानियां
  • चलते चलते -mauritius ट्रिप
  • सुरसतिया - छतीसगढ़ जहाँ के लोग परा नमक रोग से पीड़ित रहते है ..छ्दुम पटेल और उसकी पत्नी  को यह रोग है वो तड़प तड़प कर मरती है ..
  • गुलजारी बाई - नवाब की बिल्ली १८ सदी की  उस बिल्ली से प्रेम और नै और मुमताज़ के कहानी
  • साहब बीवी और गुलाम (ही फिल्म )-
  • सही पते पर -- आज भी सुरपति राइ अपने को अमीरों में गिनते है .अपनी
  • न्याय अन्याय -केशव  बाबु की पत्नी न्र मकान बनवा कर मर गयी भाई वासु आवारा बाद में बड़ा आदमी बन गया / बेटी निर्मला पति काशीनाथ रह वो रहने लगे


रविवार, 7 अगस्त 2011

Freindship ...I am sailing and going so far...with lots of sweet memoriess

My best friend I have so many friends but my best friend is my mom my brother and sister and many more .
My first friend is my parents they give me the precious gift any parent can give that is the time and involvement I am so happy and lucky .They sit back and tell my childhood stories my naughtiness my pronunciation ....(pajam into jamana)....much more ........
...then I was introduce to my sister I was so happy to see her Still remember the day when the nurse gave her in my hands ..........I was so happy and still making the happiness of life close to me .............then I got my brother I feed him ceralac .......still remember it those cute and sweet friends...........
My cousins Surabhi a hard core buddy .awesome person... we had fight of life and friends forever.. Shruti, romil, pranshu, rohan, Krati, tanu di, babo and our all chacha, mama ji, tauji all  our friends 
here was a girl called Kavita our maids daughter she was my friend..I use to play with her then shilpi di principal's daughter then   Archana (school peon daughter )..School friends many some family fiends like garima ,Aprita, Asha, sudhir, shalini di ......we  play and have fun to be treasured .......... learn a big lesson of mankind my parents never stop me from playing anyone in limit ...........I am a fight free child 
We moved to a new place I got admission then I have just my classmates(like Payal, Pratibha, ) as  my friend no other except some family friends like Sonal,Ankita ...
I after school I got more friends like Preeti ,Sonia and few they are just there for some time I met with a new circle like Amita,Monika, Tina, Swati, Garima, ...Shalini And much more. My time spend like this and I got the graduation done .
I started working and my life turned into a new way... Being school teacher I met with the memorable students till in my memories  ...Teaching is my blood....... but I never knew by just giving education I get o much love in return till date I still remember my class 4 c now they passed school the best students ever and  still remember the order I call them for attendance ..they are my friends buddies and promoters..My tuition kids are my buddies when there mommies come to me for requesting there every possible things and they share there heart with me ..........they have given me so many things I can't express in words .....I found my self lucky .........
My colleagues few of them like Richa, ketki, amita kiran turn into life long friends .... 

I got married and got new friend ..my Husband and a buddy in making --My son ....
I got new friends too because of my DH and son Like Tanvi,Garima, Poonam, Sapna, Savitha, Priya, Khushi, ....many more ...
I never knew life is like this ..............you move on your friends will follow you ..even I have some good links with my friend's friend or sister's friend ................
May be I forgot to wish you..... but you all are there always ...close to heart and remember you may be ... forgot to tell you ........but just give a message you find me near you ....Thanks from the bottom of my heart to be my friend ..............
Cheers to there  friendship Forever..............Love you all ..

शनिवार, 30 जुलाई 2011

कर के तो देखो

मेरी सारी बुरियों को नज़रंदाज़ कर दो 
मेरी खामियों को दरकिनार  कर दो 
मेरी अच्छाई को स्वीकार कर लो 
मेरी खूबियों को बढावा दे दो 
न सीधे बोल सको तो क्या 
अलग से बोल के तो देखो 
बात- तारीफ की नहीं  तुम्हारी पसंद की है 
मेरी चाहत की है 
जीवन भर का साथ है
 कुछ नगमे तो बनाने होगे बुद्पे में याद के लिए 
इन नगमे और प्यार के बिना कुछ नहीं 
जो आज बताना हो  आज बता दो 
कल तक याद नहीं रख पाएंगे 
तकरार को प्यार का रूप दे दो 
बहस को सोच का नाम दे दो 
मेरे तुम्हारे को अपना या हमारा नाम देके  देखो
इतने बुरा भी नहीं किसको को अपना बनाना
कभी अपने पराये की बेड़ियों को तोड़ कर देखो
बहुत से बेगानों का साथ दिया
कभी अपनों का साथ मांग कर तो देखो
अकेले चलते चलते थकते नहीं अकेले हो जाते है
कभी किसीको तोह साथ ले लो
माना बहुत धोके मिले है तुम्हे रहा में
एक बार और थाम के तो देखो ....
कभी  शिकवे शिकयत भी करके देखो
हम भी आपके पास ही है
कभी माना के भी देखो
बड़ी ख़ुशी की रहा में छोटी  छोटी  खुशियों की बलि मत दो
अंजाम के डर से  अरमान का कतल मत करो







गुरुवार, 28 जुलाई 2011

Sidney Sheldon

Sidney Sheldon -.Every body know him ...........but when I get a chance to read him  first novel I do not know him ..I heard name but not sure in reference to what ..I was a teenager and went to a place where I just took this book to pass my time ........and   what i do not left this till i request them to borrow for 2-3 days ...............and i finished and return it on next day ..............Can you believe it .!!! neither do I Than I find myself to be voracious reader of good novels .........still hanging for it .............
A stanger In the Mirror-Tody wants o become a good actor .He became a good actor .-.He met hos daughter and her wife Jills .he met with an head injury accident come out of it and becme happy.
Are You Afraid of The Dark - Kelly harris and diana Stevens and Kinsely comapny working husband.died one day ,his wife though he was murdered He was working n environmetal project in Kinsley cmpany Kelly and diana safeout of kinsley Kelly was responsible as she was a model and illtreaed child hood.
Morning Noon And Night - A man with  3children.He was millionaire CHildren are separed by hm and living independently .He try to escape but one day he was murdered by his son.
Nothing Last Forever- Three women live toghether and have different profession and murdered by one of his friend .
The Naked Face-Dr.Steven Judel a physcoanalyst who prefe taling many cases and liked by many person.Anne balke and her husband Anthony killed man person and then

The Sky is Falling -This is about a news reader Dans He wa sfamous when give direct repor on Sarajero.


These below lnks are taken from Wikipedia  http://en.wikipedia.org/wiki/Sidney_Sheldon 

Autobiography

 Broadway Plays

Films

Television

रविवार, 24 जुलाई 2011

आशापूर्ण देवी

मेरे जीवन में उपन्यास की शरुवत इन्ही  से हुई थी ....और अब मेरी अंतिम सास की साथ ही बंद होगी ..आशापूर्ण देवी .उपन्यास से जायद मेरे आँखों चलते चलचित्र की तरह मन में उतारते  हर एक भावना .....मुझे अन्दर तक महसूस होती है ..उनकी कलम का जादू है जो में आने अन्दर तक महसूस कर पाती हु ......."कृष्ण   चुडा का व्रक्ष" मेरा पहला उपन्यास ........मेरे जीवन में एक नया अध्याय ...मेरी एक ओर चाहत को मुझसे मिलवाने वाला उपन्यास .........मैंने जितने भी मुझे मिल सके उतने सब पड़ने की कोशिश की सभी हिंदी में पढ़े है इसलिए उनके सहयोगियों को भी शत शत नमन ...!!


अभिनन्दन
कृष्ण   चुडा का व्रक्ष
शायद सब ठीक है
राज कन्या
उदास मन   - हेमावती ,निशीथ उनकी ज़िन्दगी
मुखर रात्रि -- माँ ,तीन बेटी और माँ का अताम्हात्य करना
चतुस पर्ण --निखिलेंद्र भंज चौधरी
सागर तनया - शक, सोना और बड़े आदमी से शादी
पंछी उड़ा आकाश - भुतह घर
अनोखा प्यार सुखन ,नानी और राजेन / जगु की चाय की दुकान
खरीदा हुआ दुःख - पिउश अपने बचो की मांग के लिए विदेश में पिस्ता हुआ
अपनी कीमत -
अमर प्रेम - सुलता और शशांक की गृहस्थी उजाड़ी
नागफास थुम्पा ,माँ और चिनंदा दोस्त और निखिल डा
प्यार का चेहरा - सागर उनकी माँ भाई और सहेली
अनामिका
अवेध
वेग्वात्ति
नायक नायिका तीन
दुसहसिका
अविनश्वर
विजयी वसंत
जब प्रकाश न हो
अधूरे सपने
न जाने कहँ कहँ --
संघर्ष   छवि ,माँ ,सुरमा और इनका generation गप
काल का प्रहार  कलकाता कल आज और तब
तुलसी राजेन,सूखने नानी दुकान
लीला चिरंतन
अक्षम्य अपराध पिता का सन्यास -- तनुश्री -फ्लिमो में काम --मंत्र शक्ति - सोमा सौरल और दादी
दरबार वो नहीं
मुक्ति  मिली
शतरंज की मोहरे
चारुशीला
स्वर्ग के खरीदार
नेपथ्य संगीत
एक पेहली
मके आप
खंडर
लेखा जोखा
चेत की दोपहर  में

सोमवार, 18 जुलाई 2011

परख

जीवन के स्मृति पन्नो को पलते हुए आज सुरेख अजीब  दुनियां में खो  रही थी
कम बोलना अंतर्मुखी उसका स्वाभाव ही तो था अपने छोटे से कमरे में आ कर बस अपने से बहस कर अच्छा महसूस करती थी........ अपने भावों को खुरेदते ........खुद को खोजती थी ....उस रोज़ कुछ एसा नहीं हुआ था जसा उसने अपना रूप दिखया..... वो खुद हेरान थी उकी उदासी उसके मन में घर करती जा रही थी पाता नहीं क्या था .....वो परेशां थी खुद में खोयी....
सुनीति जब उससे मिलने आई तो उससे शर्म आ रही थी ,अपना घर दिखने में सब कुछ  था बस घर  गली में था साडी  सुख सुविधा इतना बड़ा ....फिर सब  सहेली का मुकाबला ...उसकी सहेली की सुन्दरता से कर रहे थे सारी सहेली होशियार....  सुन्दर पर यहे कोई परख के कसौटी  नहीं है.... खासतोर पे गोरा रंग ..
.शिखा से मुकाबला होता है..कैसा  तमाशा करके चली गयी ...याद नहीं पर उसमे तो वो इकहरे बदन से जलती थी
ख़ैर अम्मा बहस छोड़ो में सुरेख से बात करती हु
सुरेख क्या हुआ ?इतनी उदास क्यों है
कुछ नहीं दीदी..........
कुछ तो है बहाना ..अपनी दीदी को नहीं बतायागी ताउजी की लड़की हु इसीलिए न
नहीं दी..
सुनीति से लड़ाई हुई क्या ?
नहीं तो भगवान न करे एसा हो वो मेरी अच्छी दोस्त है
तो क्या बात है ?

शुक्रवार, 15 जुलाई 2011

Shubh Gurupurnima


Gurupurnima when we say a word  of thanks  to our teachers  my first teachers were my parents  and grandparents then my brother ,sister  then school teachers……… when I got the baby then I learn a lot like  impossible to possible try try till you succeed  from him of course !  Life is a learning lesson every day.
But my mom always say thanks is not enough you need to be a good human being through life and every situation specially the tough situation you need to maintain the temper and momentum of reflection of what you are ………..I do not know how much I am successful in it …..?
When I sit alone and try to find what had happened and what is happening to my life what I learn was very less and what I learn when I was a student is very less then what I learn when I teach ………….One of the passion of my life is teaching I love to teach…… I am happy I am not the brilliant student but I never disobeyed any teacher ever.
I try to be a good human being but I can’t be the best ...........the good part in me is given by all the above gurus ............despite of there ages .............
Mythological, I thank our ancestors to give us The Vedas(four), The Purana(eighteen),The Srimad Geeta ,The Mahabharata .The Ashadh( hindu month)  is the start of  Chaturmas( four month) the masters and there disciples discourse the  Brahma sutra (written by rishi Ved Vyas).This shows the importance of guru in the life of person .They byheart the holy books and lesson them god bad and all things needed to lead and good discipline life .
Shat shat naman ..............



बुधवार, 13 जुलाई 2011

एक अंकुर फुटा है





'




























एक अंकुर फुटा है
एक प्यार की बहार आए है
एक नया जीवन मेरी गोद में आने को है
उससे जो रिश्ता है ऐसे जुड़ जाता है जसे कोई
हमेशा से यहं है मेरे कर्म और श्रद्धा  का रिश्ता है
ममता का पहला पाठ होत्ता है
हर तकलीफ    में एक आनंद होता है
अच्छी सोच विचार का सेलाब होता है
नई उमंग और पूर्णता का एहसास होता है
मन के आस ऊपर उड़ने लगती है
नए नए जोश से अंग अंग प्रफुल  होत्ता है
हर माँ के मन में मिश्रित भाव उभरते रहते है
दर्द की आह के साथ प्यार के ही भाव होते है 




गुरुवार, 7 जुलाई 2011

yes ....I am gadget Addicted

Gadgets --------------ahmmmmmm !!!  I love then any gadget any time  .........
When it was difficult to find out the gadget and tempting in hands of other now every person is holding everything in hands information just a click away .......but still I have the old thing as my first gift and gadget I love then the Walkman  for sure if i take it out today everyone will be amazed and look either to identify or to know what it is if they came to know will laugh at me  ........but I have the guts to carry them so I treasure them............Also we I can write and write with chating getting connecting with everyone
My first gadget was my cd player .......oh!! ya before that was Walkman... yes .........how many of you remember it .....then it was video game then mobile phone , I bough it on my own nokia 3400, I still have it and love it more then my Iphone .. Lenaovo laptop was my other addition and 80gb Apple iPod .....camera .......dell vostro .....was added...bluray 60''tv home theater . I am in heaven .... now waiting :P for kindle and I pad .............xbox  then camcorder to play with my son
Also  after marriage I m so use to for kitchen gadget too hand blender, mixer, coffee maker,food processor , bread maker , ice cream maker, cake decoration, slicer, gas, oven, microwave ........................
Wow !!feeling good about it ....I feel .. I am gadget addict I can't move without it ............

When I pack my bags I have to keep lot of wires charges are always there ..lot of storage things are there

मंगलवार, 5 जुलाई 2011

दिल



































मन बहुत उदास है शायद तुम्हारे पास है
अब सपने पूरे नहीं होंगे इसका एहसास है
छोटा सा सपना था बिखर  गया
छोटे  टुकड़े रह गए सपनो को 
अर्थी तो खुद दी थी उन सपनो 
जब बुनने का मतलब ही नहीं था
 क्यों उनकी याद इतना सताती है ..?
जब  कुछ मायने नहीं थे क्यों बुन जाते है यह सपने 
आँखों के नीर  को बहाना  मिल जाता है 
दिल को टूटने का एहसास होता है 
हर एक जवानी की साथ यह नइंसाफी  होती  है 
बिखरे  दिलो के टुकड़े ढूंढे केलिए कई दिल  उठने व्वाले मिल जाते है 
पर कुछ टुकड़े चुभ  ही जाते है
बेमेल टुकड़े भी मिलकर नया आशियाना  बना ही लेते है
कभी अच्छे के लिए कभी बुरे के लिए
मिल जाते है
जोड़ी तो ऊपर से भी बनायी जाती है
कोई अपनी बीच में लगये तो  क्या करे ......


शनिवार, 25 जून 2011

परिवर्तन



परिवर्तन -एक सहज ज़िन्दगी का बहुत ही ज़रूरी पहलु है  / प्रकृति का ज़रूरी नियम जो हम सब को मानना  चाहिए / परिवर्तन  चाहे  जैसा  भी हो --जगह का लोगो का ,शरीर का  , उम्र का या फिर   /एक सहज ज़िन्दगी का बहुत ही ज़रूरी पहलु है  हम जितनी आसानी से परिवरतन को ग्रहण करते है उन्तना असं जीवन होता है .....चाहे अच्छा हो या बुरा ....
उदहारण =
  •  यदि सास बहु के आने के बाद परिवर्तन को एक हद तक स्वीकार करे  और बहु भी ऐसा ही करे ..
  • शादी के बाद एक स्त्री के रूप और कार्य में आये परिवर्तन चाहे घर अच्छा हो या बुरा या बहुत बुरा ....एक स्त्री के हाथ में होत्ता है कुछ हद तक अपनी मर्याद और अपने सम्मान के साथ रहना /नहीं बोलना गलत है अपनी बात राखी चाहिए जो गलत है वो बोना चाहिए ...किसी भी असममान्य व्हावार का विरोध करना चाहिए /
  • नौकरी का बदलाव - हमेशा हर चीज़ हर जगह नहीं मिलती पूरी संतुस्ठी मिलना मुश्किल होता है /कभी पैसे से नहीं ,कभी लोगो से नहीं ,कभी काम से नहीं ,कभी बॉस से नहीं 
  • मौसम का बदलाव -यह  तो भगवन का नियम है पर अपने शरीर के उपेक्षा करके हम इसको भी आसानी से नहीं ले पाते कभी बीमार रहते है या कुछ न कुछ चलता रहता है ..और मज़े के बात हम मौसम  को दोष देते है 
  • उम्र का बढना बेहद मुश्किल से अपनाया जाने वाला सत्य ...हम तो इतना काम करते थे ....हम इतना खाते थे ...हम इतना घूमते थे ...........क्या था इस पर बहुत ध्यान है ...पर एसा क्यों हुआ यह सब भूल जाते है ....जवानी के बाद जब अधेड़ होते है तब अपने शरीर का साथ उतना नहीं मिलता तब की तकलीफ न पूछो ....कुछ लोगो जवानी को कायम रखने के लिए क्या कुछ नहीं करते चटक कपडे चटक स्टाइल बस जो करना चाहिए वो भूल जाते है .............परहेज व्यायाम और सुविचार ...दुनिया और अपनी पसंद से विरक्ति  नहीं लेकिन अपना एक दर्जा -ताकि सब सम्मान कर सके (उस समय को याद करना चाहिए जब  और लोगो जवानी में आपको सताते थे प्रवचन से  !!) 
ज़रा सोचिये जब हम (में  भी )सारे परिवर्तन आसानी से लेने लग जायेंगे ...जो आजकल ट्रेंडी भी है आज के लोगो क यही सोच है ..इसलिए किसी भी नयी चीज़ को अपनाने में जायद समय नहं लगता दादी से ज़यादा मोबाइल पोता चला पता है ....माँ को इन्टरनेट बच्चा चला के देता है यह सब ग्रहण किया इसलिए उनके लिए असं है .............
सब कुछ एक सीमित मात्र में हम ले सकते है ....मौसम  का अचानक परिवर्तन प्रहर होता है  ..उसी  तरह एक परिवर्तन का दायरा होना चाहिए वो किसी को देख के बिना सर  पैर के नहीं होना चाहिए अपनी जड़ो(सम्मान और प्रतिस्था ) को छोड़ कर नहीं 


जिज्ञासाए

निरल और नीरव जुड़वाँ  भाई थे /
 दोनों विज्ञानं विषय से बहुत प्रभवित थे
अन्त्ररिक्ष और उनमे होने वाले सभी परिवर्तन उन्हें बहुत पसंद थे /
बहुत सी बार दोनों में बहस हो जाती जिसे माँ नहीं समझ पाती थी /
आज फिर दोनों  में बहस हो गयी ........बहस माँ से नहीं सुलझी तो उन्होंने मास्टर जी के पास भेज दिया /
दोनों मास्टर जी को फ़ोन करके आने की इज़ाज़त मांगी 
दोनों पहुंचे मास्टरजी ने उन्हें बिठ्या  और आने का कारण पुछा 
निरल बोला मास्टरजी --सूरज तारा है 
नीरव नहीं मास्टरजी वो सूरज .............
अरी बच्चियो क्यों लड़ते हो ......बहस नहीं ..सूरज तारा है ...
निरल चिलाया देखा मैंने कहाँ था --
बेटे नहीं ---
माफ़ी   मास्टरजी 
इसको ढंग  से समझो बेटा --सूरज की दो सतह होती है 
अन्दर की सतह का तापमान कई लाख होता है और बाहर वरेंमंडल और कोरोना होता है , यहाँ दाब काम होता है और बहुत चमकीला होता है 
सूरज को चमकने के लिए नाभकीय विखंडन होता है जो hydrogen  के दो अणू मिला कर हेलियम बना देता है और उर्जा उत्पन करता है जो रौशनी के रूप में धरती पर आती है /सारे नौ गृह सूर्य के परिक्रमा करते है 
इसलिए पृथ्वी गोल है यही जब यहं दिन होत्ता है तो किसके और देश में रात ..
सूरज के किरण घटक होती है जब ज़रूरत से जायद मिलने लगे तो हमरे tissue   नुकसान पहुँच कर केंसर होने का खतरा होता है ........हमरे शरीर में मेलानिन नाम का पदार्थ इससे एक सीमा तक बचा सकता है पर हमेशा नहीं इसलिए हम  पतंग उड़ने के बाद या धुप में अधिक देर तक खलने के बाद हम काले हो जाते है 

वसे वायुमंडल    में ओजोने की परत हमरी सूरज की किरनो  से रक्षा करती है लेकिन क्योंकि आज कल प्रदुषण के कारण यह पूरी तरह रक्षा नहीं कर पाती क्योंकि इसमें बड़े बड़े छेद हो गए है ..इनका करना अरेसोल है यानि ऐ सी क्लोरोफ्लोरोकार्बों जसे पदार्थ ओजोने की परत को नुकसान पहुंचा रहे है ग्रीन हाउस एफ्फेक्ट और ग्लोबल वार्मिंग भी चिंता का विषय  है 
 और चन्द्रम क्या है चन्द्रमा हमरा उपग्रह है 
यह अपनी परिक्रमा २७ दिन में पूरी करता है हम चन्द्रमा पे जा सकते है पर रह नहीं सकते क्योंकि वह पर हवा पानी नहीं है इसलिए उल्कापिंड है जो समय समय पर गिरते रहते है और छेद करते रहते है जो हमे के सूत कटती बुदिया के रूप में दीखता  है 
अच्छा बच्चो  अब चलो बाकि कल बतुंगा
मास्टर जी हम इसके बारे में और किताबे  लेके आयेंगे 

सोमवार, 20 जून 2011

अनुसरण

शिक्षक अनिल को डांटेते  हुए --शर्म नहीं अति कितनी बार बोला है पड़ते समय बात नहीं  ..खड़े हो जाओ अपनी जगह 
अनिल --:खड़े होकर लेकिन सर नहीं झुकाया 
शिक्षक डांटेते हुए --बहुत नालायक हो , तुम चलो इस प्रश्न कर उतर दो 
अनिल ने सही जवाब दिया 
शिक्षक ने बठने  को बोला दिया /
अनिल --बोला माफ़ी चाहता हु सर,  लेकिन हम आपका अनुसरण कर रहे थे जसे आप प्राचर्य महोदय के भाषण के समय टिका टिप्द्दी करते है ..वसे ही आपके पढ़ते समय .................
शिक्षक ने अपनी गलती स्वीकार कर आगे से भूल न करने का वादा  किया 

रविवार, 12 जून 2011

निशान


















मैंने  हर  जाने  को अपने अक्स में हँसते हुए देखा है
अपनी परछाए रोनी  सूरत याद आती है
उम्र के पड़ाव से कुछ छुटे हुए , कुछ छोड़ा है
कदम मिलने की कोशिश  तो बहुत की  पर पीछे रह गए निशान 
उन निशान को भरने की बहुत सोचा है 
आज भी कुछ काम कटे है निशान को छिपाने के लिए 
पर क्या करे ....हरे हो ही जाते है 
हारने नहीं कभी तो हरे होने की क्या चिंता करे 
इतनी गहरायी से सोच ले  जाएगी 
कभी सोचा नहीं था नादानियं  नहीं की 
इसकी  कसक तो है ही 
उस दर्द का भी एहसास हो ही जाता है 
कितने तकदीर वाले होते है जिनको जन्नत  मिल जाती है 
हम ने खुद ही नरक का रास्ता इक्तियार कर लिया 
पर उन निशान को  नहीं  मिटाना चाहते 
अपनी शान समझते है की 
करा नहीं तो क्या सोचा तो 
कर पाते  तो अच्छा है 
नहीं तो दर्द ही अपनी  प्रेरणा बना लेते है 
ख़ुशी का तो पता नहीं गम को भी अपना लेते है ...
निशान को हरे रखने की वजह  ढूंढ़ ही लेते है ...

सोमवार, 6 जून 2011

पाती मेरे नाम

मेरे लिए की कविता लिख सकता है हाँ क्यों नहीं में भी इस लायक हु कोई मेरे लिए कविता लिख सकता है 
लाख लाख धय्न्वाद की मुझे यह दिन दिखया ----


जब भी यह दिल उदास होता है 
तब ही वह तुम्हारे पास होता है 
आंखे पथरा गयी है तकते तकते 
अब नहीं इनमे इंतज़ार होता है 
गोर करते मग र्बेरुखी सह लेते है हम 
अपनों से मिला दर्द दुश्वार होता है 
हम तो लायक नहीं थे आपके 
दर बेठे अब कहाँ एहसास होता है 
हर पल आपका इंतज़ार रहता है 

कितना कुछ सोच होगा आप ने .............किसने लिखी है यहे लाइन मेरेलिए  मुझे भी नहीं पता था की मेरे बच्चे मुझसे इतना प्यार करते है ...............जी यह लाइन मेरी एक  विधय्राथी गरिमा ...........ने  लिखी है 

बहुत बहुत धन्यवाद 
पता नहीं तुम कहन हो पर मेरे पयर तुम्हारे लिए हमेशा है .....................

मंगलवार, 24 मई 2011

खूबसूरती की परिभाषा

 बहुत देखी है खूबसूरती की मिसाल 
मन भी गोरा तन भी गोरा 
पर रूप  ही क्यों है इसकी परिभाषा 
नयन नक्श देखो तो  मोह लेती है मोहिनी भी 
कायदा और सलीका देख बहुत से लोगो को आबाद और बर्बाद किया है 
किसी एक - में सब कुछ एसा विरले ही होते है 
कभी खुबसूरत निराले लोग भी होते है 
दिल से छली हो जाते है हुस्न देख कर 
मन को मर उठे है अपनी सूरत देख कर 
दिल तोह मानता नहीं जाबांज बन बैठते है 
इश्क के चक्कर में ड़ाल कर उन  का दीदार भी कर ही लेते है 
कोई गम नहीं इश्क तो हर जवानी  की आबरू होता  है 
सर का ताज होता  है 
कभी लड़के की खूबसरती को दाद मिलती है - कभी  लड़की को 
दोनों को साथ हो ऐसा तो कहानियों में होता  है 
दोनों अगर हो भी बड़ा  दाग भी होता है 
....वसे तो चाँद भी कहँ साफ़ है 
प्रकृति ने सुन्दरता में दाग दिया है 
कभी वो दाग  सुन्दरता बढा  देता है कभी वो घटा देता है 
नजरिया तो हमारा ही होता है ......
कवि की कविता की शोभा है - यह सुन्दरता 
रचना की सार्थकता है - सुन्दरता 
मन को छु लेने का भाव - सुन्दरता 
और भी रूप है सुन्दरता के 
हर पडवा पे मिल ही जाती है......... 
बचपन में अठखेली के रूप में
जवानी में साथी के रूप में 
बुदापे में सादगी और के रूप में 
नज़र तो बदलती रहती ही है 
सुन्दरता के भाव नहीं बदलते 
जवानी के दोस्त बुद्पे तक उतने   ही अज़ीज़ लगते है 
तखत और ताज इस हुस्न के पीछे लूटे है 
कई द्रौपदी  भी बनी है पर मीरा और राधा भी इसी खूबसरती की मूरत थी 
बहुत सी परिभाषा  दी गयी सुन्दरता को
आगे क्या है ? कौन बताईगा ....कल का  क्या होगा  
क्या कोई सही समझ पायेगा ........
...या सिर्फ एक सबसे अच्छा सवांद का मुद्दा रहेगा .........

इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.