संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

शुक्रवार, 5 नवंबर 2010









 


दिवाली के इस अवसर पर
हार्दिक शुभकामनाये
 दिवाली मंगलमय हो !!

कुछ चिराग यु जले की धुआ भी न हुआ
आज कुछ घर ऐसे भी रोशन हुए की चाँद फीका पड़ गया
कही पैसा कही प्यार की अलग है यह ख़ुशी
अपने अपने मायने और दायरे है
ज़रा पंख  पसरो और दुनिया देख लो
दुनिया के मायने खुद ही बना लो
एक मुठी भी है और पूरा आकाश भी
हमेशा जहाँ का पूरा साथ बना रहे

थोड़ी जगह हमे भी दे दो
दिवाली के इस अवसर पर
हार्दिक शुभकामनाये
इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.