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मंगलवार, 2 नवंबर 2010

असफलता का एहसास क्या होता है  मुझसे पूछो
जब हमेशा न सुनना होता है
जब हमेशा रुसवायी होती है
हमेशा कोई रूठा रहता है
आंसू आना चाहते है  पर हँसी आती  है अपनी किस्मत पर
जब एक कन्धा चाहिए होता है रोने के लिए पर लोग  चार लाना चाहते है
आप अपना दर्द बया करते है लोग पागलपन समझ बैठते  है 
हमारे प्यार का अपमान  कर अपने दायरे बना लेते है
झुक तो बहुत गए है पर प्यार  न मिल सका
एक इज्ज़त थी वो भी दाव पर लगी है
एक घरोंदा  का सपना था आज वो भी जाता दीखता है
चंद लोगो को अपना मान बेठे थे, आज  अपने भी गवा बेठे \\
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