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शुक्रवार, 10 सितंबर 2010

ख्याल

खाली तस्वीर में अक्स उभरने लगे है
मन में अरमान पनपने लगे है
बेताल होती सासे किसी का इंतज़ार रहता है
हर आहट   पे कदम ताल सुनायी देती है
धड़कन में कोई बस्ता है ,सिर्फ उनका इंतज़ार रहता है
जब हमारा साथ हकीकत में बदल जायेगा
और अपनी शर्तो को सपनो से हकीकत बन जायेगा
उस पल के रूमानियत से आज हम भीग जाते है
न जाने कैसा  होगा वो पल बस उसकी तमन्ना  है
 उसके ख्याल में इतना प्यार है न जाने हकीकत में कितना होगा
हर लड़की का सपना होता है  बाली उम्र से
उसका पूरा होना सुकून है और ऊपर वाले के मेहर है //

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