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गुरुवार, 10 जून 2010

Love is in the air

तनहा रहने की आदत सी हो गयी है
हवा का झोका भी मेहमान लगता है
मन के विचारो को दबाने की आदत सी हो गयी है
बारिश के बूँद भी शोर लगती है
कुछ संजोय हुए लम्हे है
अब वो भी पराये लगते है
किसी की दस्तक से रूह तक कंप जाती है
इतनी व्यस्त जीवन मेरा ख्याल किसे आ गया
अब तो लबो पे हँसी भी रूठी रहती है
जयादा खुल नहीं पते कभी खुले तो आँखों से आंसू बह निकालेंगे
तूफान का सामान किया है
अब जलजले का इंतज़ार है

1 टिप्पणी:

Udan Tashtari ने कहा…

बेहतरीन!

इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.