संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

मंगलवार, 15 जून 2010

मन

कुछ  बूंदे  आँखों से गिरी जमी को नम  कर गयी
हाथ कंधे पर रखा चलने की ताकत आ गयी
साथी ने हाथ बढाया ,लावो  पे मुस्कान तेर गयी
कुछ कमाल ऐसे ही है इस दुनिया में
जिनका राज़ कोई  जान न पाया
कभी  जीवन  साथी  का साथ पूरा होकर दिल को छु जाता है
कभी एक बोझ सा लगता ठेलता रहता है
सारी दुनिया बुराई का पुलिंदा लगती है
कभी अच्छाई का  सागर
बस मन को काबू में रखना होता है
सारी कहावतों के सार को न जानते बुझ पाना मुश्किल है
जीवन भी उसी के तरह है
मन की थाह -- रहा बना ही देती है
हाँ--न के बीच के पसोपेश मौके गवा देती है
अरमानो को न मरने दो .......
गुम हुई चीज़ की मिलने की अहा भी जीवन भर रहती है ..
मन को मरने दो ............जीने की रह तो मिल ही जाती है ................

कोई टिप्पणी नहीं:

इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.