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सोमवार, 3 मई 2010

छुट्टी का जादुई मंत्र

छुट्टी आई सपने लाई
टिनी बोली - रहेगी मौज मस्ती , ग़ुम है पढाई
सोनू बोला - जा रहा हु घुमने भूलकर पढाई
दीदी आई बोली - पढाई नहीं है बोझ
इसने  तो जीवन की  ज्योत जलाई
तुम जो पढ़ते हो वही घूमते
जो खाते हो वही पढ़ते
तुम पेड़ पोधो  से प्यार करते हो
उन्ही के तंत्र का ज्ञान लेते हो
 अच्छा खाना पीना स्वस्थ रहने सीखत्ते है
फिर क्यों पढाई से जी चुराते
पहले  समझो फिर याद करो
ग्रह कार्य को सुगमता से करो
दीदी ने नयी दिशा दिखाई
जिसे देख में चिलायी
अब नयी तरह से काम करुँगी
मिनी इठलाई -फोटो और रिपोर्ट बनाउंगी जहाँ  में घूम कर आउंगी  
टिनी बोली में करुँगी  पत्तियों  का संग्रह
सोनू बोला - में अपने तंत्र और पर्यावरण की  साफ सफाई के तरीको को बाटूंगा
दीदी से जादुई  मंत्र के लिए धन्यवाद
चुटकी  में कर दियाछुट्टी  में सारे  ग्रह कार्य

2 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

बढ़िया रचना.

Shekhar Kumawat ने कहा…

bahut bahut badhai

shekhar kumawat

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